गुरुवार, अगस्त 16, 2018


Introduction to Dharampuri नगर का परिचय

धरमपुरी मध्य प्रदेश, भारत के धार जिले में स्थित है। धरमपुरी एक बहुत पुराना शहर है जिसका उल्लेख पुराणों में मिलता है; यह खुज और नर्मदा के संगम पर स्थित है। यह शहर रानी रूपमती के जन्म स्थल के रूप में विख्यात है जो पौराणिक रूप से मां नर्मदा की पुत्री हैं तथा जिनकी शादी मांडव के सम्राट बाज बहादुर से हुई थी। यह शहर महर्षि दधीचि का तपोस्थल भी था। पौराणिक मान्यताओं के अनु सार उन्होंने अपनी अस्थियां दैत्यों से लड़ने के लिए देवों को दान कर दी थी। यहां पर अनेक प्रसिद्ध मंदिर हैं जिनमें नर्मदा नदी पर एक टापू पर बना बिल्वामृतेष्वर महादेव मंदिर भी है और खुज और नर्मदा के संगम पर पत्थर की गुफाएं भी हैं। बहुत से पर्यटन स्थलों और आकर्षणों के साथ और ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के कारण धरमपु री एक संभावित पर्यटन स्थल है।

Location and Climate of Dharampuri ऐतिहासिक महत्व

धरमपुरी एक अत्यंत प्राचीन शहर है जिसका उल्लेख पुराणों में मिलता है। धरमपुरी में बहुत से ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थल हैं जैसे महर्षि दधीचि आश्रम, पांडवों के समय की गुफाएं, 10 से 16 वीं शताब्दी के मंदिर, शिवलिंग, परकोटा, रानी रूपमती का जन्मस्थल, रीवा गर्भस्थल, बिल्वामृ तेष्वर मंदिर, खु ज संगम, पत्थर की प्राचीन गु फाएं, नागेष्वर मंदिर और रानी रूपमती टापू टावर। धरमपुरी की शुरूआत 2 मुख्य स्पाइन (जिसे अब तारापुर मार्ग और आजाद मार्ग कहा जाता है) पर एक छोटी बस्ती के रूप में हुई थी जिसके आस-पास छोटी ग्रामीण बस्तियां थी। धीरे-धीरे शहर का विकास पूर्व-पश्चिम दिशा में नर्मदा के साथ-साथ हुआ। नई धरमपुरी के ताजा विकास के साथ, जिसका क्षेत्र लगभग 14352 वर्ग किमी है, शहर की सीमा और बढ़ गई है।

Connectivity to Dharampuri जिले की रुपरेखा - धार

धार जिला मध्य प्रदेश के दक्षिण पष्चिमी भाग में स्थित है और 22.01' और 23.09' उत्तरी अक्षांश तथा 74.29' और 75.42' पूर्वी देशान्तर के बीच पड़ता है। यह इंदौर डिविजन का एक भाग है और इंदौर के पश्चिम में 61 किमी की दूरी पर है। धार नाम "धारा-नगरी" से पड़ा है जिसक अर्थ है "तलवारों का शहर"। यह नाम संभवतः तलवार के दम पर इसकी स्थापना किए जाने, विजय प्राप्त किए जाने या इसे अपने कब्जे में रखने के संबध में पड़ा है। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से धार जिले का प्राचीन काल से आधुनिक काल तक एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है। धार शहर परमारा शासकों के लिए 13वीं शताब्दी तक राजधानी शहर के रूप में रहा है और उसके बाद यह मालवा सलतनत की राजधानी रहा है। 1857 में स्वतंत्रता के प्रथम युद्ध के दौरान यह विद्रोह का एक मुख्य केन्द्र था। जिले की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर निर्भर है और यह जिला मांडू में स्मारकों के समूह और 5वीं -7वीं शताब्दी की तस्वीरों वाली बाग गुफाओं के लिए प्रसिद्ध है। धरमपुरी इस जिले में तीर्थयात्रियों का प्रमुख आकर्षण है जहां शिवरात्रि के दौरान झुंडों में लोग आते हैं।
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